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रविवार, 26 जून 2011

सरकार ने घोंटा रामगढ़ बांध का गला

जयपुर. कभी जयपुर की लाइफ लाइन कह जाने वाले रामगढ़ बांध में इस मानसून में भी पानी आने की उम्मीद नहीं है। सरकार ने इस बांध तक पानी पहुंचाने वाली नदियों और बरसाती नालों पर 415 चेकडेम और एनीकट बनाकर पहले तो इसका गला घोंट दिया।

अब यहां तक पानी पहुंचाने के रास्तों को खोलने की दिशा में कोई प्रयास भी नहीं हो रहे। बांध की जिम्मेदारी संभाल रहे राज्य के सिंचाई सचिव रामलुभाया मानते हैं कि एनीकट तोड़े बिना बांध में पानी नहीं आ सकता। ऐसा निर्णय लेने में वे खुद को असहाय बताते हैं। भास्कर के सवाल पर उनका कहना है कि बांध में पानी लाने के मामले में सरकार कोई योजना नहीं बना रही है। आखिर क्यों नहीं हो रहे प्रयास? सवाल पर उनके पास कोई जवाब नहीं है।

उधर, नए एनीकट बनाने पर सरकार ने रोक जरूर लगा दी, लेकिन यह कार्रवाई भी तब की जब बांध का 297 मील का कैचमेंट एरिया बर्बाद हो चुका था। रामगढ़ बांध में पानी नहीं आने का प्रमुख कारण बाणगंगा, माधोबेणी, अचरोल, ताला, रोड़ा, रणिया, दायरा और सालावास जैसी नदियों पर बनाए गए चेकडेम और एनीकट हैं। अचरज की बात है कि पहले सरकार ने बांध को सुखाने के लिए एनीकट बनाने की विभिन्न योजनाओं पर करीब 200 करोड़ रुपए खर्च किए, फिर रामगढ़ जितना ही पानी (करीब 5 करोड़ लीटर) जयपुर को मुहैया कराने के लिए बीसलपुर परियोजना पर 1100 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च कर दिए।

सबसे ज्यादा एनीकट विराटनगर में: जयपुर जिले की चार पंचायत समितियों में फैले रामगढ़ बांध के कैचमेंट एरिया में सबसे ज्यादा 157 एनीकट विराटनगर पंचायत समिति में बने हैं। इसके अलावा आमेर क्षेत्र में कैचमेंट एरिया में 128, जमवारामगढ़ में 82 और शाहपुरा में 48 चेकडेम- एनीकट बने हैं।

12 साल से नहीं आ रहा पानी: पिछले 12 साल से इस बांध में पानी नहीं आया। पिछली बार 1999 में 33.9 फीट पानी था। इसके बाद सिंचाई विभाग ने पानी की आवक का रिकॉर्ड रखना बंद कर दिया। बांध की पाल पर लगे सिंचाई विभाग के बोर्ड पर 1999 के बाद से पानी की आवक का कॉलम खाली है।

सिंचाई विभाग ने खुद के एनीकट तोड़े, दूसरों के बनने दिए: बांध में जब 1993 में पानी की आवक कम हुई तो सिंचाई विभाग ने कैचमेंट एरिया में खुद के बनाए 25 एनीकट तोड़ दिए थे। पंचायतीराज विभाग, वन विभाग और केंद्र सरकार की योजनाओं में एनीकट बनते रहे, लेकिन सिंचाई विभाग ने इन्हें रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।

एनीकट हटाने की योजना नहीं - सिंचाई सचिव रामलुभाया से सवाल-जवाब

रामगढ़ बांध में पानी लाने के लिए सरकार क्या कर रही है?
इस बारे में कुछ नहीं हो रहा, कोई योजना नहीं बन रही।

जयपुर के पानी का प्रमुख जरिया रहे इस बांध को जिंदा करने के प्रयास क्यों नहीं हो रहे?
कैचमेंट एरिया में बने एनीकट जब तक नहीं हटेंगे, बांध में पानी नहीं आ सकता।

एनीकट तो आप ही हटवाओगे?
हम तो सरकार के निर्देश की पालना करते हैं, सरकार ने इस बारे में निर्णय नहीं लिया है।

क्या सिंचाई सचिव के नाते आपकी जिम्मेदारी सरकार को वस्तुस्थिति बताने की नहीं है?
सबको पता है। एसेंबली में भी मामला उठ चुका है।

तो सरकार कुछ नहीं करेगी!

इस बारे में तो मंत्री और मुख्यमंत्री ही कुछ बता सकते हैं।

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